हरिद्वार व प्रयागराज के बाद तीसरा बड़ा तीर्थ स्थल बनेगा बिहार का सिमरिया धाम

बेगूसराय के सिमरिया घाट पर हरिद्वार और प्रयागराज संगम तट की तर्ज सभी आधुनिक सुविधाएं विकसित होगी। उप मुख्यमंत्री व नगर विकास एवं आवास मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने बुधवार को विधान परिषद में सर्वेश कुमार और रजनीश कुमार के ध्यानाकर्षण पर सदन को यह भरोसा दिया।

उप मुख्यमंत्री ने बुधवार को विधान परिषद में कहा कि हर तरह की सुविधा बहाल करने के लिए संबंधित विभागों की बैठक बुलाएंगे। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और पर्यटन विभाग के अधिकारियों को एक जगह बुलाकर स्थिति की जानकारी लेंगे और सभी जरूरी सुविधाएं सिमरिया धाम में विकसित की जाएगी।

मुख्‍यमंत्री ने की थी घोषणा

रजनीश कुमार ने गत वर्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सिमरिया में की गई घोषणा की ओर से भी सदन का ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने कार्यकारी सभापति अवधेश नारायण सिंह से इस विषय पर सदन में विशेष समय देने का आग्रह किया। सभापति ने भी विषय की गंभीरता को देखते हुए चालू सत्र के दौरान ही सभी विभागों की बैठक बुलाकर सदन को सूचित करने का नियम दिया।

उन्होंने कहा कि बुडको की ओर से विद्युत शवदागृह बनाने की योजना मंजूर की थी, लेकिन वह जमीन एनएच निर्माण में चली गई। अब मोक्षधाम और विद्युत शवदाह गृृह के साथ लकड़ी शवदाह गृह बनाने की व्यवस्था हो रही है। सर्वेश कुमार ने दूसरी कई मूल सुविधाओं की ओर सदन का ध्यान आकृष्ट किया।

प्रतिदिन हजारों लोग आते यहां

उधर, भोजनवकाश का समय होता देख रजनीश कुमार ने इस मामले को भोजनावकाश के बाद भी लाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि समय हो गया और कई सुविधाओं पर चर्चा होनी है। सिमरिया घाट का महत्व हरिद्वार और प्रयागराज जैसा है। वहां हर रोज हजारों लोग जाते हैं। सिमरिया से प्रति वर्ष सरकार को तीन करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिल रहा है। ऐसे में उप मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की कि वह सभी संबंधित विभागों के साथ बैठक करेंगे। उन्होंने अन्य सदस्यों से भी इस मामले अपना सुझाव देने का आग्रह किया।