बैंक कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, बैंक व एटीएम से निराश लौटे ग्राहक

समस्तीपुर । निजीकरण के विरोध में सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंक कर्मी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। बैंकों शाखाओं के ताले बंद रहे। एटीएम भी बंद रही। इस दौरान बैंक अधिकारी व कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। शहर में प्रतिरोध मार्च निकालते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बैंक कर्मियों ने सरकार से निजीकरण के फैसले को वापस लेने की मांग की। दो दिनी हड़ताल से जिले में बीस हजार करोड़ के कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है। हड़ताल में इस बार स्टेट बैंक कर्मियों से शामिल होने से कारोबार पर अधिक प्रभाव पड़ा। हड़ताल के कारण पूरे दिन लोग नकदी के लिए परेशान रहे।

केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक बैंकों के निजीकरण के फैसले के खिलाफ यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले यह आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। शहर के सभी बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी जिला मुख्यालय स्थित स्टेट बैंक की मुख्य शाखा परिसर में एकत्रित हुए। निजीकरण के फैसले के विरोध में विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। इसके बाद हाथों में बैनर और मांगों से संबंधित तख्ती लेकर शहर में प्रतिरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने अलग अलग बैंक शाखाओं के समक्ष जाकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने केन्द्र सरकार की नीतियों पर आलोचना की। मौके पर इंडियन बैंक के देवेश राज, पीएनबी के अशोक कुमार, यूनियन बैंक के हसन, राजीव कुमार, दिनेश ठाकुर, प्रकाश मंडल, विमल किशोर, मनीष कुमार, प्रमोद कुमार, नरेन्द्र मोहन, अमीत कुमार आदि मौजूद रहे।

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दो दिनी हड़ताल से जिले में बीस हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित

स्टेट बैंक आफ इंडिया, बैंक आफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, यूनियन बैंक व अन्य बैंक की शाखाओं में कामकाज नहीं हुआ। जिले के करीब दो सौ से अधिक बैंक शाखाओं में ताला बंद रहे। बैंक कर्मियों के एक दिन की इस हड़ताल से करीब दस हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है। उपभोक्ता व व्यापारी वर्ग को काफी कठिनाई झेलनी पड़ी है।

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एटीएम से निराश लौटे ग्राहक, ऑनलाइन पेमेंट का इस्तेमाल

बैंक कर्मियों के दो दिनी हड़ताल के चलते खाताधारकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हड़ताल के कारण बैंक शाखाएं बंद रहे। जमा निकासी के लिए आने वाले ग्राहक निराश होकर लौटते नजर आए। बैंक बंद रहने के कारण एटीएम पर दबाब बढ़ गया। एटीएम से भी ग्राहकों को खाली हाथ लौटना पड़ा। हालांकि, ऑनलाइन पेमेंट से लोगों को थोड़ी राहत मिल रही है।

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ग्रामीण क्षेत्र के भी बैंक शाखाओं में लटका ताला

कल्याणपुर,संस: प्रखंड क्षेत्र स्थित बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, ग्रामीण बैंक, विरसिंहपुर स्थित सेंट्रल बैंक, आदि बैंक शाखा और एटीएम में ताला लटका रहा। इसको लेकर ग्राहकों को बैंक परिसरों से निराश लौटना पड़ा। बैंक उपभोक्ता दिलीप कुमार, मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि हड़ताल से काफी परेशानी हुई है।

उजियारपुर,संस : बैंक कर्मियों के दो दिनी हड़ताल के चलते अंगारघाट, चैता, रेवाड़ी सहित अन्य गांव के ग्रामीण बैंक, एसबीआई आदि बैंकों के बंद रहने से बैंकिग सेवा प्रभावित रही। अधिकांश एटीएम में भी कैश नही होने से लोगों को निराशा मिली। एसबीआई ग्राहक केंद्र संचालक के सहयोगी मंटुन कुमार ने बताया कि एटीएम में भी कैश नहीं है। कैश नहीं रहने से अधिकांश सीएसपी भी बंद रहे। ताजपुर संस : प्रखंड क्षेत्र में भी विभिन्न बैंकों में ताले लटके रहे। ग्राहक परेशान रहे। वहीं एटीएम ने अपनी आंशिक सेवाएं दी तो कहीं कैश की कमी रही। बैंकिग -सुरक्षा के लिहाज से कहीं-कहीं हीं सुरक्षा कर्मी नजर आए। बैंकों के दो दिवसीय बंदी से उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।