छात्रा- महिलाओं पर मेहरबान नीतीश सरकार, जानें बजट 2021-22 में क्या-क्या मिला?

बिहार में महिला सशक्तीकरण की दृष्टि से आधा आबादी को उद्यमी व क्षेत्रीय प्रशासन में शामिल किए जाने पर राज्य सरकार द्वारा जोर दिया जाएगा। महिलाओं को रोजगार में 35 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अपने स्वयं का उद्योग स्थापित करने के लिए सरकार महिलाओं को अनुदान व ब्याजरहित पूंजी उपलब्ध करायेगी।

वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए पेश किए गए वार्षिक बजट के तहत राज्य सरकार द्वारा महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना लायी जाएगी। जिसमें उनके द्वारा लगाए जा रहे उद्यमों में परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम पांच लाख रुपये तक का अनुदान तथा अधिकतम पांच लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा। इसके लिए उद्योग विभाग वित्तीय वर्ष 2021-22 में इन योजनाओं पर 200 करोड़ रुपये खर्च का प्रावधान किया गया है।

उच्चतर शिक्षा के लिए महिलाओं को प्रोत्साहन
राज्य सरकार द्वारा लड़कियों को स्कूल जाने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए साइकिल और पोशाक दी गई है। अब लड़कियां हाई स्कूल की शिक्षा के लिए घर से दूर स्थित उच्च विद्यालयों में भी पढ़ने जा रही है। हाई स्कूल के बाद उच्च शिक्षा के प्रति महिलाओं में जागरूकता एवं अभिरुचि पैदा करने हेतु उन्हें प्रोत्साहन राशि देने की योजना है। इसके तहत उच्च शिक्षा हेतु प्रेरित करने के लिए इंटर उत्तीर्ण होने पर अविवाहित महिलाओं को 25,000 रुपये तथा स्नातक उत्तीर्ण होने पर 50,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग के बजट में 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

क्षेत्रीय प्रशासन में आरक्षण के अनुरूप महिलाओं की भागीदारी
राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को सरकारी नौकरी में 35 फीसदी आरक्षण दिया गया है, लेकिन अब भी कार्यालयों में समानुपातिक अनुपात में महिलाओं की संख्या कम है। इसलिए क्षेत्रीय प्रशासन जैसे पुलिस थाना, प्रखंड, अनुमंडल एवं जिला स्तरीय कार्यालयों में आरक्षण के अनुरूप महिलाओं की भागीदारी बढ़ायी जाएगी।

17.84 लाख महिलाओं को तीन किस्तों में 5 हजार रुपये का भुगतान

राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के तहत 17.84 लाख गर्भवती/ धातृ महिलाओं को पांच हजार रुपये का भुगतान तीन किस्तों में किया गया है।