अब सभी को मुफ्त में मिलेगी एंबुलेंस की सुविधा, शुल्क लेने पर नपेंगे एंबुलेंस कर्मी

अब जिले के सभी नागरिकों को मुफ्त में एंबुलेंस की सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी वर्ग के लोगों को एंबुलेंस सेवा 102 निशुल्क उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को पत्र भेजकर यह जानकारी दी है। पहले एंबुलेंस सेवा 102 की सुविधा आठ श्रेणी के मरीजों को निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही थी। यह सुविधा सभी के लिए तत्काल प्रभाव से लागू भी हो गई है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत एंबुलेंस परिचालन में खर्च राशि की स्वीकृति इस शर्त के साथ दी कि सभी नागरिकों को निशुल्क एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराने की घोषणा करनी चाहिए। इस आलोक में बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनहित में यह निर्णय लिया गया कि सभी नागरिकों को तत्काल प्रभाव से 102 एंबुलेंस सेवा निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इसी आलोक में यह आदेश जारी किया गया है।

पहले आठ कोटि के मरीजों को ही मिलती थी मुफ्त सेवा

एंबुलेंस सेवा निशुल्क रूप से पहले गर्भवती महिला को घर से अस्पताल या प्रखंड स्तरीय सरकारी अस्पताल से सदर अस्पताल तथा प्रसव के उपरांत अस्पताल से जच्चा-बच्चा को घर पहुंचाने के लिए उपलब्ध कराई जाती थी। इसके अलावा एक वर्ष तक के शिशुओं को निशुल्क सुविधा दी जाती थी। इसके साथ 60 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों, दुर्घटना में घायल, मस्तिष्क ज्वर से पीड़ित बच्चों, कालाजार मरीजों, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत रेफर मरीजों और खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा तैयार पीएचएच धारकों को निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जाती थी। अब यह सीमा समाप्त कर दी गई है। अब सभी मरीजों को यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

शुल्क लेने पर नपेंगे एंबुलेंस कर्मी

102 एंबुलेंस संचालन एजेंसी ने भी सभी ईएमटी व चालक को निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर पत्र जारी किया है। इसमें स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि किसी भी परिस्थिति में किसी भी मरीज से एंबुलेंस सेवा हेतु किसी प्रकार का कोई शुल्क प्राप्त नहीं करना है। अन्यथा की स्थिति में उक्त निर्देश की अवहेलना समझी जाएगी। साथ ही चिन्ह्त दोषी एंबुलेंस कर्मियों के विरुद्ध प्रशासनिक एवं अनुशासनिक दृष्टिकोण से विधि संगत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिसकी संपूर्ण जवाबदेही संबंधित दोषी कर्मियों की होगी।