बिहार में अब अपग्रेड स्कूलों में प्रधानाध्यापक की नियुक्ति परीक्षा से होगी

बिहार के अपग्रेड स्कूलों में प्रधानाध्यापक की बहाली के लिए नीति बन रही है। जल्द ही नीति तैयार हो जाने पर परीक्षा लेकर इनकी बहाली होगी। सभी उत्क्रमित (अपग्रेड) स्कूलों में केन्द्रीय विद्यालय की तर्ज पर प्रधानाध्यापक होंगे। पूर्व के मध्य विद्यालय और अपग्रेडेशन के बाद के हाईस्कूल के लिए अलग-अलग प्रभारी होंगे। एक प्रधानाध्यापक होंगे, जो परिसर के दोनों स्कूलों में प्रशासनिक काम को देखेंगे।

शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने यह घोषणा शुक्रवार को विधान परिषद में की। मंत्री कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा के अल्पसूचित प्रश्न का जवाब दे रहे थे। प्रश्न के बीच में केदार पांडेय, नवल किशोर यादव और संजय कुमार ने भी हस्तक्षेप करते हुए पूरक प्रश्न पूछे। केदार पांडेय ने केन्द्रीय विद्यालय की तर्ज पर प्रधानाध्यापक की नियुक्ति की सलाह दी तो दूसरे सदस्यों ने कहा कि अब तक इसके लिए काई नीति ही नहीं है। रामचन्द्र पूर्वे ने कहा कि अपग्रेड स्कूलों में हाई स्कूल की जिम्मेवारी भी मिडिल स्कूल के प्रधानाध्यापक ही निभा रहे हैं।

जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि सभी सदस्यों के प्रश्न उसी दिशा में हैं जिस दिशा में सरकार काम कर रही है। मध्य और माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक अलग होंगे। लेकिन एक ही परिसर में दो पावर ऑफ सेंटर नहीं हो इसके लिए ओवरऑल प्रभार एक ही व्यक्ति के जिम्मे होगा। अभी जो मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यपक हैं उन्हें अपग्रेडेशन के बाद सिर्फ सर्वेक्षण का काम ही दिया गया है। स्कूलों में संचालक का कोई पद नहीं होता है। स्कूल के वरीय शिक्षक को ही प्रधान शिक्षक का दायित्व दिया जाता है।