खुशखबरी ! बिहार में अतिथि शिक्षकों को मिलेंगे 50 हजार तक, देखें डिटेल

बिहार के अतिथि शिक्षकों के मानदेय का भुगतान एक महीने में शुरू हो जाएगा. उन्हें अधिकतम 50 हजार रुपये प्रति महीने का भुगतान किया जाएगा. यह जानकारी बिहार के शिक्षा मंत्री ने दी है.

अतिथि शिक्षकों को बिहार में अभी मिलते थे प्रति लेक्चर न्यूनतम 1000 रुपये.

बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों में पढ़ाने वाले अतिथि शिक्षकों के लिए एक खुशखबरी है. उन्हें एक महीने में मानदेय का भुगतान शुरू हो जाएगा. यह जानकारी राज्य के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने विधान परिषद में दी.
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा यूजीसी के प्रावधान के अनुसार राज्य विश्वविद्यालयों के तहत संचालित अंगीभूत व संबंद्ध महाविद्यालयों में अतिथि शिक्षकों को मानदेय दिए जाने की प्रक्रिया भी चल रही है. इसके तहत शिक्षकों को प्रति व्याख्यान न्यूनतम 1500 रुपये और अधिकतम 50 हजार रुपये प्रति माह दिए जाएंगे.

अभी तक मिलता था इतना मानदेय

शिक्षा मंत्री चौधरी ने विधान परिषद में वीरेंद्र नारायण सिंह के ध्यानाकर्षण का उत्तर देते हुए यह जानकारी दी. साथ ही बताया कि इसे एक माह में ही लागू कर दिया जाएगा. बता दें कि वर्ष 2018 में बिहार सरकार ने कॉलेजों में शिक्षकों की कमी पूरा करने के लिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति शुरू की थी. जिसमें एक व्याख्यान के लिए न्यूनतम 1000 रुपये और अधिकतम 25 हजार रुपये महीने मानदेय देने का प्रावधान किया गया था.

लंबे समय से हो रही थी मांग

बता दें कि अतिथि शिक्षक मानदेय बढ़ाने और इसके समय पर भुगतान की मांग लंबे समय से करते आ रहे हैं. कई विश्वविद्यालयों के अतिथि शिक्षकों ने इसको लेकर प्रदर्शन भी किया था. इस फैसले से ऐसे शिक्षकों को काफी राहत मिलेगी.

यूजीसी ने 2019 में जारी किया था निर्देश

यूजीसी ने देश भर के विश्वविद्यालयों में पढ़ा रहे अतिथि शिक्षकों के मानदेय को लेकर 28 जनवरी 2019 को एक निर्देश जारी किया था. यूजीसी ने कहा था कि अतिथि शिक्षकों के लिए मानदेय 1000 प्रति लेक्चर से बढ़ाकर 1500 प्रति लेक्चर कर दिया जाए. अधिकतम 50 हज़ार रुपए प्रति माह दिए जाएं.