Bihar Panchyat Election: ईवीएम खरीद में हो रही देरी को लेकर हाईकोर्ट पहुंचा राज्य चुनाव आयोग

बिहार में मार्च से मई के बीच संभावित पंचायत चुनाव का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। दरअसल बिहार पंचायत चुनाव 2021 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के जरिए कराए जाने हैं। राज्य सरकार से प्रस्ताव और ईवीएम खरीद को हरी झंडी मिलने के बाद बिहार राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) से ईवीएम खरीद की अनुमति मांगी थी। भारत इलेक्ट्रानिक्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड(ECIL) से मल्टी-पोस्ट इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की खरीद को लेकर ईआईसी की अनुमति देने में कथित रूप से हो रही देरी को लेकर एसईसी ने पटना उच्च न्यायालय का रुख किया है।

मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि हाईकोर्ट में एसईसी ने कहा है कि राज्य के पहली बार ईवीएम से होने वाले पंचायत चुनाव के लिए ईवीएम की खरीद की मंजूरी मिलने में कथित देरी से पंचायत चुनावों के समय पर कराने में बाधा उत्पन्न हो सकती है। यह चुनाव मार्च से लेकर 15 जून से पहले कई चरणों में पूरा किए जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि एसईसी की ओर से रिट याचिका 11 फरवरी को दायर की गई थी और उम्मीद है कि जल्द ही अदालत द्वारा फैसला लिया जाएगा।

बिहार में त्रिस्तरीय ग्रामीण स्थानीय निकायों में कुल 2.58 लाख पदों के लिए चुनाव होने वाले हैं। इसके लिए राज्य चुनाव पैनल मतदाता सूची को अद्यतन करने, मतदान केंद्रों की पुष्टि करने सहित सुरक्षा और अन्य कई कामों को अंतिम रूप देने में व्यस्त है। बता दें कि पंचायत चुनावों के लिए संभावित कार्यक्रम के मद्देनजर एसईसी ECIL बैंगलोर से सुरक्षित मेमोरी मॉड्यूल (SDMM) के साथ बहु-पोस्ट EVMs के कई वोटिंग विकल्पों को पाने की कोशिश कर रहा है।

नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा कि एसईसी पिछले साल से 15000 ईवीएम खरीद के लिए ईसीआईएल के साथ बात कर रहा है, लेकिन ईसीआई को अबतक ईसीआईएल से अपेक्षित मंजूरी नहीं मिली।

एसईसी बिहार में 15 जून को समाप्त होने वाले तीन-स्तरीय स्थानीय निकायों का कार्यकाल से पहले ही नौ चरणों में पंचायत चुनाव कराने की योजना बना रहा है। इसके लिए राज्य सरकार ने खरीद के लिए धनराशि को पहले ही मंजूरी दे दी है। पंचायत चुनाव कराने की कुल लागत 400 करोड़ के करीब होने की उम्मीद है। यह पहली बार है कि बिहार में ईवीएम से पंचायत चुनावों कराने की योजना बनी है। इससे पहले 2016 तक हुए पंचायत चुनाव में मत पत्रों का उपयोग किया गया था।

नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि ईवीएम का इस्तेमाल चुनाव के संचालन में पारदर्शिता लाने और मतगणना प्रक्रिया और विशेष रूप से मुकदमेबाजी को कम करने के लिए किया जा रहा है। राजस्थान और कुछ अन्य राज्यों में पंचायत चुनाव में ईवीएम का उपयोग किया गया है। बिहार पंचायत चुनाव नियम, 2006 के नियम 54 में पंचायत चुनावों में ईवीएम के इस्तेमाल का प्रावधान है। एसईसी के अधिकारियों ने याचिका पर कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया। इस संबंध में एसईसी के वरिष्ठ रिटायर्ड वकील अमित श्रीवास्तव ने भी कहा कि -मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।

Input-Hindustan