अलर्ट ! अगर समय से नहीं किया बिल भुगतान तो देनी पड़ेगी अधिक लेट फीस, आयोग की मुहर का इंतजार

अब अगर तय समय में बिजली बिल जमा नहीं किया तो अधिक इंटरेस्ट देना पड़ेगा. बिजली कंपनी ने तय समय से अधिक समय पर बिल भुगतान करने वालों से अब अधिक विलंब शुल्क अधिभार (डीपीएस) वसूलने का निर्णय लिया है. कंपनी ने बिहार विद्युत विनियामक आयोग को प्रस्ताव भेजा है. आयोग की मुहर लगते ही व्यवस्था लागू कर दी जायेगी. गौरतलब है कि राज्य में एक करोड़ 62 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं. तय समय में बिल नहीं देने वालों की संख्या लाखों में है.

उपभोक्ता समय पर कर देंगे भुगतान तो कम हो जायेगा नुकसान

सूबे में बिजली की खपत में भले ही कोई खास अंतर नहीं आया हो, लेकिन बिल भुगतान में अंतर आ गया है. लॉकडाउन अवधि में भी राज्य की बिजली खपत 4000 मेगावाट से अधिक थी. लेकिन, बिल वसूली का औसत एक चौथाई तक पहुंच गया था. पहले कंपनी की मासिक वसूली औसतन 800 करोड़ थी. लॉकडाउन में ये 200 से 300 करोड़ तक पहुंच गयी थी. मौजूदा समय में भी कंपनी की वसूली उतनी नहीं हुई है जितनी पहले के समय मे थी. जबकि अगर तय समय में उपभोक्ता बिजली बिल जमा कर दें तो कंपनी को हो रहा नुकसान कम हो जाएगा. साथ ही राज्य सरकार की ओर से हर साल हजारों करोड़ का दिया जा रहा अनुदान भी नहीं देना होगा.

अब आयोग लेगी कंपनी के प्रस्ताव पर फैसला

कंपनी की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने और लेट से बिल देने वालों पर शिकंजा कसने की रणनीति के तहत कंपनी ने डीपीएस में वृद्धि का निर्णय लिया. अभी बिल जेनरेट होने के 10 दिनों तक लोगों से किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता है. लेकिन, इस अवधि के बाद लोगों से 1.25 फीसदी डीपीएस वसूला जाता है. कंपनी ने इसे बढ़ाकर 1.5 फीसदी करने का प्रस्ताव विनियामक आयोग को दिया है. कंपनी के प्रस्ताव पर अब आयोग को फैसला लेना है.