ई-मतदाता पहचान पत्र प्राप्त कर सकेंगे बिहार के 2.39 लाख नये वोटर, जानें कैसे

बिहार में ई-मतदाता पहचान पत्र (ई-ईपिक) 2.39 लाख नये मतदाता ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। बिहार में संक्षिप्त मतदाता सूची के पुनरीक्ष्ण के तहत 14 लाख 76 हजार नये मतदाता बने हैं। इनमें 2.39 लाख नये मतदाताओं ने ही अपना मोबाइल नंबर दिया है। जिन मतदाताओं ने अपना मोबाइल नंबर दिया है, वे ही ई-ईपिक को डाउनलोड कर सकेंगे। शेष नये मतदाताओं को ऑनलाइन केवाईसी करना होगा और अपना मोबाइल नंबर अंकित करना होगा, इसके बाद ही वे ई-ईपिक हासिल कर सकेंगे। सोमवार को बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एचआर श्रीनिवास ने निर्वाचन विभाग में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में इसकी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि नये मतदाताओं में 18-19 वर्ष के 4 लाख 15 हजार हैं। 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के दिन ई-ईपिक को लांच किया गया है। आधार व पैन कार्ड की तरह ही अब ई-ईपिक का इस्तेमाल कोई भी मतदाता कर सकेगा। श्रीनिवास ने बताया कि मतदाता हेल्पलाइन एप या भारत निर्वाचन आयोग के वेबसाइट से इसे डाउनलोड कर इसका प्रिंट आउट लिया जा सकेगा, जिसकी मान्यता भारत निर्वाचन आयोग ने दी है। एक मोबाइल नंबर से एक ही ई-ईपिक जुड़ सकेगा। एप में सुरक्षा प्रावधान के तहत ई-ईपिक डाउनलोड या केवाईसी के पूर्व मतदाता को फोटोग्राफ भी अंकित करना होगा ताकि कोई मतदाता दूसरे किसी का ई-ईपिक नहीं डाउनलोड कर सकेगा।

जिलों में बनाए गए है ई-ईपिक क्योस्क बनाए गए है
उन्होंने बताया कि राज्य के सभी जिलों में ई-ईपिक क्योस्क भी बनाए गए हैं। इन क्योस्क में जाकर कोई भी व्यक्ति अपने मतदाता पहचान पत्र को प्रिंट भी करा सकता है। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही पूर्व से पीबीसी ईपिक दिए जाने की प्रक्रिया भी जारी रहेगी, उसे बंद नहीं किया गया है।

राजनीतिक दल ई-ईपिक के संबंध में लोगों को जागरूक करें

इसके पूर्व निर्वाचन विभाग में राज्य के सभी मान्यता प्राप्त प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एचआर श्रीनिवास ने बैठक की। बैठक में उन्होंने सभी दलों को ई-ईपिक के संबंध में जानकारी दी और इसके लिए आमलोगों को जागरूक किए जाने की आवश्यकता जतायी। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में राजनीतिक दल प्रमुख भागीदार है, उनका सहयोग जरूरी है। बैठक में जदयू, भाजपा, राजद, लोजपा व अन्य दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

Input- Hindustan