किसानों के समर्थन में महागठबंधन की बिहार में मानव श्रृंखला, तेजस्वी यादव भी हुए शामिल, कहा- कृषि कानूनों की वापसी तक संघर्ष जारी रहेगा

केंद्र के कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में महागठबंधन ने शनिवार को राज्यभर में मानव श्रृंखला बनाई जा रही है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बुद्ध स्मृति पार्क के पास मानव श्रृंखला में शामिल होते हुए कहा कि महागठबंधन के लोग किसानों के संघर्ष में उनके साथ खड़े हैं। केंद्र सरकार पूंजी पतियों के साथ है। उन्होंने कहा कि बिहार में 2006 से ही किसानो की हक मारी हो रही है। तेजस्वी बोले काले कानूनों की वापसी तक संघर्ष जारी रहेगा।

राज्य के अलग-अलग जिलों में भी मानव श्रृंखला में लोग शामिल हुए। महागठबंधन के नेताओं ने कहा कि मानव श्रृंखला के जरिए लोगों को कृषि बिलों की खामियां भी समझाई जाएंगी। नेताओं ने कहा कि बिहार के किसान ट्रेनें कम चलने से आंदोलन में भाग नहीं ले पाए हैं।

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि कृषि कानूनों के जरिए किसानों की जमीन पूंजीपतियों को सौंपने की तैयारी है। कहा कि बचपन से जय जवान-जय किसान का नारा सुनते आए थे लेकिन, भाजपा सरकार फंडदाताओं के लिए जवान और किसान को ही आपस में लड़वा रही है। महागठबंधन शुरुआत से किसानों के संघर्ष में साथ खड़ा है। तेजस्वी ने कहा कि सरकार यह भूल गई है कि जवान भी किसान परिवारों से ही हैं। उनमें भी आक्रोश है।

तेजस्वी ने दावा किया कि जब राजद की सरकार थी तो एमएसपी से भी अधिक दाम में फसल खरीद हुई थी। नीतीश कुमार ने 2006 में मंडी व्यवस्था खत्म की तो किसान मजदूर बन गये। अगर केंद्र के कृषि कानून लागू हुए तो किसान भिखारी बन जाएंगे। उन्होंने कहा कि महागठबंधन के साथी पूछना चाहते हैं कि मुख्यमंत्री चुप क्यों हैं। उन्हें बताना चाहिए कि तीनों कृषि कानून किसानों के हित में हैं या नहीं। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतंत्र का गला घोंटने में लगी है। हम लोग एकजुट होकर जनहित के मुद्दों पर आवाज बुलंद करते रहेंगे।

JDU का आरोप, किसानों से जमीन लिखवाने वाले बना रहे मानव श्रृंखला

जदयू विधान पार्षद नीरज कुमार ने आरोप लगाया है कि धरती मां रो रही हैं, क्योंकि मानव श्रृंखला की बात वैसे लोग कर रहे हैं, जिन्होंने अपने कार्यकाल में गरीब-किसानों को नौकरी के नाम पर गुमराह कर उनकी जमीन खुद के नाम लिखवायी। अपने नाबालिग बच्चों के नाम भी जमीन लिखवाने से बाज नहीं आए जो कि आज नेता प्रतिपक्ष के पद पर काबिज हैं। उसमें भी फर्जीवाड़ा यह किया गया कि नाबालिग के नाम पर जमीन लिखवाते-लिखवाते एक फर्जी नाम पर भी जमीन लिखाए गए और आज वही राजनीतिक मुद्दों पर मानव श्रृंखला बनाने का शिगूफा छोड़ रहे हैं। नीरज कुमार ने कहा कि इन्हें चाहिए कि ये अर्जित संपत्ति की जो श्रृंखला है उस पर खड़े होकर कहें कि देखिए हमने बेशुमार किसानों की संपत्ति अर्जित करके राजनीति में जो मापदंड स्थापित किया है, उससे धरती मां क्रंदन कर रही हैं।